
(जगदीश रघुवंशी)
कम समय ओर कम खर्च में अधिकतम लोगों तक पेठ बनाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मो के उपयोग का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। अनेक ठग विभिन्न तकनीकी, ऊर्जा, कृषि यंत्रों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा अन्य उपयोगी उपकरणों के लुभावने ऑफर से आम जन को आकर्षित करते है। लाख सावधानी, समझदारी के बाबजूद कुछ लोग झांसे में आकर गांठ ढीली कर ठगा बैठते है।
आजकल लगभग हर थाने में इस तरह के फर्जीवाड़े से की गई ठगी की रिपोर्ट्स की बाढ़ आई हुई है। 1930 नम्बर पर भी ढेरो पीड़ित रिपोर्ट दर्ज करवा कर न्याय की मांग कर रहे है।
हालात ये है कि रिपोर्ट/पीड़ितों के दबाब से आई अमले की कमी ठगों के लिए वरदान भी साबित हो रही है। लेकिन देर है। अंधेर नही। पुलिस आए दिन ठगोडो को दबोच पीड़ितों को राहत भी दे रही है।
ऐसे ही विंड टरबाइन डीलर/ उत्पादक/ निर्माता करण इंटर प्राइज ने लुभावने ऑफर ओर तुरन्त सप्लाई का वायदा करके एक जरूरत मंद से 15 हजार रुपये ठग लिए। ठगी के लिए करण इंटर प्राईज ने बिल भी वाट्सअप पर जारी किया। वाट्सअप पर फायदे के लंबे लंबे वायदे किए। कसमें खाई। जैसे ही यूपीआई से भुगतान हुआ। और करण इंटरप्राइज ने फोन उठाना बंद कर दिया। लापता हो गया। सारे वायदे हवा हवाई हो गए।
पीड़ित ने ब्यावरा ( राजगढ़) में करण इंटरप्राइज के खिलाफ ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। मामले की गहराई से छान बीन जारी है।
पुलिस के मुताबिक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के विज्ञापन/ ऑफर के झांसे में फंसने से बचे। सैकड़ो नही बल्कि हजारो ठगोड़े सक्रिय है। ये ठगोड़े लुभाने ऑफर के बूते ठग लापता हो जाते है। ठगने के लिए अलग अलग मोबाइल सिम इस्तेमाल करते है। सावधानी ही सुरक्षा है।
