
( श्याम चौरसिया)
मप्र के अधिकांश जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कुप्रबंध, भाई भतीजावाद, भर्ष्टाचार की वजह से लाभ की बजाय भारी घाटे में चल रहै है। शिवपुरी की बैंक तो डूबा किसानों और जमाकर्ताओं की मुसीबत बढ़ा दी थी। दतिया बैंक में की गई कथित मनमानी के खिलाफ दिए कोर्ट के फैसले ने तत्कालीन विधायक राजेन्द्र भारतीय की बिधायक़ी निगल दतिया में उपचुनाव करवा दिया। इस तरह की दर्जनों मिसालों में से एक राजधानी भोपाल की कोख में स्थित राजगढ़ की जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को भी नई भर्ती के महाप्रबंधक दीपक रघुवंशी ने बताते है,चारागाह बना एनपीए 28 से 35% कर दिया। मनमाने,असंगत निर्णयों से शाखा प्रबंधक से लेकर ग्रामीण सहकारी समितियों के प्रबंधक तकतनाव में है।
इन दिनों ग्रामीण समितियां लाखो किसानों को खाद- बीज वितरण में युद्ध स्तर पर लगी हुई है। ताकि किसान खुले बाजार से महंगे उर्वरक ओर बीज खरीदने से बच सके।
नई भर्ती के महाप्रबंधक रघुवंशी पद की गरिमा,मर्यादा, मूल्यों, सिद्धांतो का ठीक से पालन करने की बजाय बैंक के सरकारी वाहन को अनाधिकृत रूप से बेवजह जिले के बाहर ले जाकर बैंक पर आर्थिक बोझ डालने के गंभीर आरोप है। इसी कड़ी में अवकाश के दिन रविवार 06 सितंबर 26 को बैंक के वाहन mp 39 bb1404 का एक्सीडेंट शाजापुर जिले के सुनेरा- पनवाड़ी के बीच हो जाने से वाहन का हुलिए का बंटाधार हो गया। दुर्घटना ग्रस्त वाहन की कायदे से निकटतम थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए थी।बेखबर है कि रिपोर्ट दर्ज कराने की बजाय वाहन को शुजालपुर के एक वर्कशाप के हवाले कर दिया।वर्कशाप ने हुलिया ठीक करने के बदले करीब 07.50 लाख का स्टीमेट थमा कर बैंक के तोते उड़ा दिए। महेंद्रा कम्पनी का अधिकृत वर्कशाप ब्यावरा में भी है। लेकिन राजगढ़ के बाहर दूसरे जिले के वर्कशॉप को पसंद करने पर भी अनेक गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
खबर ये भी है कि महाप्रबंधक वाहन को ठीक कराने की बजाय कबाड़ में बेच बैंक को आर्थिक नुकसान पहुचाने की तुक में लगते है।
अवकाश के दिन 06 सितंबर 26 को रघुवंशी को बैंक की वाहन को राजगढ़ की सीमा से बाहर अन्य जिलों की सीमा में क्यो ले जाना पड़ा? यदि यात्रा बैंक हितों के लिए होती तो वाहन के तयशुदा ड्राइवर राहुल भिलाला की बजाय निजी ड्राइवर कल्लू खा के हवाले बैंक की वाहन नही करना पड़ता। लगता है, यात्रा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अधिकृत ड्राइवर नही ले गए। लॉक बुक की पूर्ति ड्राइवर के बजाय महाप्रबंधक ही अपने हिसाब से करते/ करवाते है।
अधिकृत ड्राईवर वाहन की सुरक्षा के प्रति ज्यादा चाक चोबन्ध, सतर्क,सजग होता है। अधिकृत ड्राइवर होता तो शायद दुर्घटना ही टल जाती।
बतौर महाप्रबंधक रघुवंशी 25 दिसम्बर 25 को आमद दर्ज कराई थी। बताते है। नई भर्ती वाले कम अनुभवी, अव्यवहारिक अधिकारियों को महाप्रबंधक तैनात किए जाने पर रिजर्व बैंक ने अप्रसन्नता जाहिर भी की है। ताकि बैंकों के आर्थिक,सामाजिक, ब्यवसायिक हितों को किसी भी स्तर पर चोट न पहुचे। मगर कुछ नई भर्ती वालो ने जोड़ तोड़ करके कमाऊ महाप्रबंधक पद हथिया लिए।
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष महेंद्र यादव ने नलखेड़ा सिद्ध पीठ मा बगुलामुखी के दर्शन करके लौटते में 08 अक्टूम्बर 26 को उदनखेड़ी में रघुवंशी की कार्यप्रणाली,नीति,नीयत पर सवाल उठाते हुए गहरी अप्रसन्तता प्रकट करके रवैया सुधारने की हिदायत भी दी बताते है।
उसकी वजह ये बताई जा रही है कि 144 ग्रामीण सोसायटी वाले जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 40 से अधिक सोसायटियों गबन,कुप्रबंध, लालफीताशाही, अव्यवस्था की शिकार बताई जाती है। लाखो के गबन के आरोपी बोड़ा, बरखेड़ा आदि दर्जनों सोसायटियों के खिलाफ आज तक fir दर्ज न होने से गबन करके बैंक को चुना लगाने वाले आरोपियों का बाल बांका नही हो सका। जिससे हौसले बुलंद है। यदि महाप्रबंधक की लगाम,पकड़,प्रभाव मजबूत होता तो गबन कर्ता हनुमान चालीसा बांच पानी भरते।
