
(श्याम चौरसिया )
सम्पन्न 06 विधान सभा ओर एक लोकसभा नोगांव उप चुनाव में असम,बंगाल, तमिलनाडु, पांडिचेरी के मतदाताओं ने भारत को अराजकता की आग में झोंकने वाली उपद्रवी, नोटकीबाज कांग्रेस को शून्य पर आउट करके औकात दिखा दी। सबसे हैरतंगेज नतीजे बंगाल सीमावर्ती मुर्शिदाबाद की रेजी नगर विधानसभा सीट से आए। 70% गैर सनातनी बाहुल्य सीट से ajup हिमायु कबीर के बेटे गुलाब नवी आजाद को bjp के शंकर राव सरकार ने 75 हजार से अधिक वोटों से हरा इतिहास रच दिया। इस करारी हार के बाद हिमायु कबीर फूट फूट कर रोए।राजनीति से टाटा करने का इरादा जताया।कांग्रेस यहां तीसरे नंबर रही। मुर्शिदाबाद से क्रिकेटर रहे युशूफ पठान tmc सांसद है। पठान की bjp से नजदीकियां सुर्खियों में है।
बहुचर्चित नन्दीग्राम सीट से bjp की हासी रानी रथ ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को 1 लाख 22 हजार के विस्फोटक अंतर से चित किया। ये सीट cm शुभेन्दु अधिकारी के स्टीफ़े से खाली हुई थी। नंदी ग्राम ममता बैनर्जी की परम्परागत सीट है। ममता को अधिकारी ने करीब 25 हजार वोटो से हरा tmc का मुगालता दूर करके बंगाल की फिजा ही बदल दी।
असम की गैर सनातनी बाहुल्य नोगांव लोकसभा सीट से bjp के देवाशीष शर्मा ने aiudf बदरुदीन अजमल को करीब 75 हजार से अधिक मतों से चित्त किया।कांग्रेस के शिवमणि वोरा तीसरे नम्बर रहे। इस सीट से कांग्रेस इतिहास में पहली बार हारी। वोरा ओर उनके समर्थकों ने हार की वजह कांग्रेस की जन विरोधी,राष्ट्र विरोधी नीतियों को बता कांग्रेस के हालिया हंगामे,उपद्रव, अराजकता की हवा निकाल अनेक यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए।
पाण्डेचेरी से nda के प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी को करीब 06 हजार मतों से शिकस्त दी।
तमिलनाडु की दोनों विधान सभा सीट सत्तारूढ़ tvk ने aiadmk से छीन अपने बहुमत में 02 सीटों का इजाफा करके 109 का आंकड़ा छू लिया। यहां कांग्रेस ठीक से खाता भी खोलने में नाकाम रही।
ये 06 उपचुनाव तब हुए जब कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष चुनाव आयोग मुख्य आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार का स्तीफा मांगने की मंशा में पूरे देश मे हंगामा,उपद्रव करके अराजकता फैला रहे है। इनकी अराजकता,गुंडा गर्दी, मारपीट से बचाने के लिए दिल्ली को छावनी में बदलना पड़ा। 22 हजार cctv कैमरों और 42 हजार से अधिक सुरक्षा बल दिल्ली के चप्पे चप्पे पर तैनात करने पड़े। मुख्य बाजार और ट्रेनें बंद करनी पड़ी। जिससे आम जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षण संस्थान, व्यापारिक संस्थान, सरकारी संस्थान बंद से रहे।
मतलब साफ है। मतदाताओ को कांग्रेस,विपक्ष की गुंडागर्दी रास नही आई। नकार दिया। मतदाताओं की नजर में ज्ञानेंद्र कुमार नही असल चोर कांग्रेस- विपक्ष है। मतदाता मानते है। ज्ञानेंद्र कुमार ने कांग्रेस की लूट,धोखाधड़ी, दोगलाई की दुकान बंद कर दी। ज्ञानेंद्र कुमार की सख्ती से 05 करोड़ से अधिक रोहिग्या, घुसपैठियों को भारत से भागना पड़ा। उनकी अवैध बस्तियां उजड़ गयी। ये कांग्रेस,tmc के वोट थे। जिसका सुखद,हैरतंगेज स्पस्ट परिणाम बंगाल और आसाम चुनावो में दिखा। मोदी सरकार की सबका साथ सबका विकास की वजह से गैर सनातन बाहुल्य रेजी नगर और नोगांव में बीजेपी ने बम्पर जीत हासिल करके नोटकी बाज, हंगामा रत कांग्रेस को आइना दिखा दिया।
कांग्रेस जानती है। राष्ट्रभक्त, वंदे मातरम प्रेमी जनता सीधे रास्ते से भारत की गद्दी नही सोप सकती। इसलिए भारत में भी कांग्रेस बंग्लादेश,नेपाल की तरह अराजकता,भरम, फेला ओर गुमराह करके बलात सत्ता कब्जाने की फिराक में है। इस नापाक मंसूबे को पूरा करने के लिए लोकतंत्र और संविधान को भी ठोकर पर रखने से नही चूक रही है।
कभी एलन मस्क को कोसने वाले राहुल आज एलन मस्क के गले के हार सिर्फ फंडिंग के लिए बन गए।
राष्ट्रपति को भी 04 सूत्रीय ज्ञापन सोप चके है।
कांग्रेस ने महंगी शकर, ईंधन गैस, ईंधन आदि ढेरो दुष्प्रचार किए। मगर जनता कांग्रेस के झांसे में नही आई। कांग्रेस समझ चुकी है। जनता सीधी उंगली से घी नही निकालने देगी। जनता pm मोदी की राष्ट्रवादी, कल्याणकारी, जनहित कारी ,विकास वादी, रोजगार मूलक, युवा हितकारी नीतियों की कायल है। मुरीद है।
इसीलिए कांग्रेस को कही भी रत्तीभर जन समर्थन नही मिल रहा है। हर जगह भदद पिट रही है।
कांग्रेस-राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस और तिलचट्टो ने गत आंदोलन के नाम पर की गई शर्मनाक गुंडागर्दी से दिल्ली शर्मसार है। नारी सम्नांन का फर्जी रोना रोने वाले राहुल प्रियंका और इनके चेलों ने महिला पुलिस से शर्मनाक,अशालीन,अभद्र हरकते करके अपने संस्कारों, नीति,नीयत का जनाजा निकाल दिया।बलात,बेमतलब आकाशवाणी भवन में घुस गए। वहां हंगामा किया। अपसंस्कृति का नंगा नाच नाचा।आपत्तिजनक नारे लगवाए।
एक काल था। जब जनता कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त होकर आंदोलन करती थी। पांसा पलटा। अब जनता की बजाय बड़े बड़े दिग्गज नेता बंद होती दुकानों की सुरक्षा के लिए आंदोलन करके जनता को कालनेमि की तरह गुमराह करने के लिए अलोकतांत्रिक, असवैधानिक,असंगत, गैर न्यायिक हथकंडे आजमा रहे। फिर भी नाकाम। नतीजे शून्य।केअंग्रेसी
