( श्याम चौरसिया)
भारत,खाड़ी के अनेक देशों सहित समूचा विश्व एयर दुबाई की तेल अबीब जारही फ्लाइट को आतंकी घटना से बचाने वाले पराक्रमी स्मित माच्छल का अभिनंदन कर रहा है। भारत,इजराइल, अमेरिका, uae सहित अन्य खाड़ी देशों के राष्ट्र प्रमुखों ने पायलट माच्छल के शौर्य का पुरजोर अभिनंदन किया। लेकिन बात-बेबात भारत को अस्थिर करने, लोकतंत, संविधान,सवैधानिक संस्थाओं को कथित खतरे में होने का बेसुरा राग गा देश को गुमराह करने वाले युवराज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी टीम ने पायलट माच्छल के पराक्रम के बारे में आभी तक एक शब्द नही उगला। यदि सनातनी माच्छल की जगह रोहिग्या, गैर सनातनी या आतंकी या पाक का कोई होता तो राहुल ठीक अपनी माँ सोनिया की तरह बटाला हाउस में मारे गए आतंकियों के लिए विलाप करने में जमीन आसमान एक कर देते।
पायलट माच्छल के शौर्य से भारत का गौरव बढ़ा। सनातन की विश्वनीयता, प्रभाव, भक्ति, शक्ति, प्रेम,धाक में गुणात्मक बृद्धि हुई। इससे पाक जल उठा। यही जलन कांग्रेस को भी है। यानी पाक की नही सुलगती तो कांग्रेस की भी नही सुलगती। ऐसी बेमिसाल एकता केवल भारत के विपक्ष में ही सम्भव है। पाक का विपक्ष भारत के पक्ष में कभी एक शब्द नही उगलता।
कांग्रेस के शशि थरूर जैसे कुछ बेबाक श्रीमन्तों ने ही,भारत भक्त पायलट माच्छल का अभिनंदन किया है। कांग्रेस की एक प्रवक्ता तो घटना में पाक का कथित हाथ होने की संभावना के प्रश्न से ही तिलमिला और भड़क उठी। क्या वजह है- उक्त प्रवक्ता के भड़कने के पीछे? क्या पाक इन्हें भारत विरोधी एजेंडा चलाने और पाक का बचाव करने के बदले खैरात/उत्कोच अर्पित करता है?? यदि ऐसा नही होता तो भारत की जन भावना का सम्मान करते हुए कांग्रेस, राहुल गांधी कुछ तो कहते।
सनद रहे राहुल ने आतंकी सर्जिल इमाम के पक्ष में एक नही दर्जनों ट्यूट किए। जबकि सर्जिल की जमानत कोर्ट लगातार खारिज करता आ रहा है। देश भक्त माच्छल के मुकाबले राहुल को आतंकी सर्जिल इमाम जैसे दर्जनों दोगले,जिहादी ज्यादा प्रिय लगते है। ये शुद्ध दोगलापन ही तो है।
इस फ्लाइट में इजराइल के 174 यात्री सवार थे। यदि गैर सनातनी को -पायलट अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो वह इजराइल के किसी भी हिस्से को विमान से तबाह करके 174 इजराइल नागरिकों की जान ले सकता था। मगर को- पायलट के जबरजस्त हिंसात्मक हमले में घायल होने के बाबजूद पायलट माच्छल ने विवेक,सयम, साहस,शौर्य का परिचय देते हुए डोलते,गोते लगाते विमान पर काबू पाया। कॉकपिट का गेट खोल देने से यात्रियों को को-पायलट की आतंकी हरकत,मनसूबे देखने को मिले। एक प्लम्बर ने समय गवाए बिना विमान को नियंत्रण में लेने में कसर नही रखी। विमान में सवार 02 पायलटों ने विमान पर काबू पा एक भयानक,दुर्दांत आतंकी घटना को टाल विमान को सुरक्षित लेंड करवा दिया।
एक विडंबना। अभी तक को- पायलट की असलियत/ पहचान क्यो छुपाई जा रही है? शायद विश्व हवाई व्यवसाय को दागदार होने बचाने की योजना हो सकती है। पहचान उजागर होते ही अनेक देशों की हवाई कम्पनियां गैर सनातनी पायलटों से पिंड छुड़ा भविष्य की घटनाओ को रोक सकती है। हवाई यात्री भी विमान में सवार होने से पूर्व पायलटों की जन्मपत्री मांग विमान कम्पनियों की मुसीबत बढ़ा सकते है। विमान यात्रियों की तरफ से ये मांग उठने भी लगी है।
फिलहाल सारा भारत, भारत का मान,सम्मान बढ़ाने वाले पायलट माच्छल का पुरजोर अभिनंदन कर रहा है। केवल कांग्रेस। राहुल और खानदान को छोड़ कर। ये गजब के बेशर्म फूफा है।
