(श्याम चौरसिया )
16 साल बाद मनीर, हाफिज सईद पोषित 06 डॉक्टर और इनके सैकड़ो हिमायती दिल्ली लाल किला परिधी को दहलाने में भले ही कामयाब हो गए हो। । मगर केन्र्द में सत्तारूढ बीजेपी की नरेंद्र मोदी सरकार ने पाक के अलावा राष्ट्र में पनप रहे दोगलो, जयचन्दों, मीर कासिमो, सिलिपर सेलो को सख्त चेतावनी देकर हिला दिया। pm मोदी के अलावा गृह मंत्री शाह,रक्षा मंत्री राज नाथ सिंह घटना के बाद से सक्रिय है। शाह सेना के तीनों अंगों को सचेत,सक्रिय रहने की हिदायत दे चुके है। पाक भारतीय हमले के लिए खुद को तैयार कर चुका है। तय। दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए 12 निर्दोषों की मौत और 30 घायलों की एक एक बूद रक्त का हिसाब पाक को चुकाना होगा।
मजेदार बात ये है कि दबोचे गए आतंकियों में कोई पंचर छाप नही बल्कि पढ़े लिखे उच्च शिक्षित 06 डॉक्टर है। उनमें से 03 डॉक्टर हरियाणा की अल फतह यूनिवर्सिटी के स्कॉलर है। जिनमे एक लखनऊ निवासी महिला डॉक्टर शाहीन भी है। शाहीन भारत मे महिला आतंकियों की मुखिया है।शाहीन के भाई परबेज को भी कश्मीर एटीएस ने दबोच लिया।एटीएस को परवेज से अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है।
लाल किले परिधि को दहलाने सहित अन्य घटनाओं को अंजाम देने का मंसूबा रखने का मास्टर माइंड डॉक्टर उमर उभर कर सामने आया है।शाहीन के अलावा मोहम्मद आदिल, मुज्जमिल, अहमद गनी उर् मूसल, डॉक्टर आदिल, यासिर उल असरफ, आरिफ निगार डर, मकसूद अहमद आदि दबोचे जा चुके है। इनकी निशानदेही पर सुरक्षा बल इनके आकाओं, की भी सफाई करेगी। क्रम रुकेगा नही।
गुजरात से दबोचे गए 03 डॉक्टर अपराधियो के पास से साइनाइड से 06 हजार गुना जहरीला रसायन मिला। ये घातक रसायन पीने के पानी में मिलाने का मंसूबा रखते थे। ताकि हजारों लोग एक साथ मौत के आगोश में समा सके। इरादे खतरनाक, मानवता विरोधी थे। जल्लाद के दबोचे जाने से नापाक इरादों पर फिलहाल पानी तो फिर गया। फिर भी सावधान रहने की जरूरत है।
फरीदाबाद से थोड़ा बहुत नही बल्कि 2900 kg खतरनाक आरडीएक्स के जखीरे ने चौका दिया। अमोनिया नाइट्रेट मिला हुआ। जाहिर फरीदाबाद को फेक्ट्री में बदल डाला था। फरीदाबाद दिल्ली एनसीआर को हिस्सा है। दिल्ली से लगा हुआ है। पहले सहारनपुर मेरठ, सम्बल ही चर्चा में थे। मगर फरीदाबाद को पहली बार आतंकी नक्से पर लाया गया।
राष्ट्र में इस जघन्य, कायराना घटना तीखी निदा हुई। देश गुस्सेसे उबल रहा है। राष्ट्रपति ,pm, ग्रह मंत्री,रक्षा मंत्री, मुख्य न्यायाधीश सहित सभी केंद्रीय मंत्रियों, मुख्य मंत्रियों, जिम्मेदार नागरिकों ने आंतकियो को सख्त चेतावनी दी। निंदा की। कोसा।
दिल्ली के बाद मुंबई, उज्जैन, जयपुर, लखनऊ, काशी जी, अयोध्या, सहित अन्य नगर हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा बल चौकस रहने से पाक, आंतकियो के मंसूबो पर पानी फिर गया।
सबसे दिलचस्प। अवैध बंगलादेशी घुसपैठिये, रोहिंग्या ममता के रोके रुकने की बजाय भारत से भागने लगे। वे समझ चुके है। अब खेर नही। ममता का कवच काम नही आ पायेगा।
सेक्युलर पने के अफीमची ओवेशी जैसे तमाम सपाई नेताओ ने दिल्ली घटना पर चु नही किया। शायद इस जघन्य घटना पर इन नेताओ ने दीवाली मनाई होगी।
फर्क, नीति, नियत साफ है।
क्या वजह है? हैदराबाद, बेंगलोर,पूना, भोपाल राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, यूपी से दबोचे गए आतंकी आरोपियों में एक भी सनातनी नही है । सब गैर सनातनी ओर सनातनी विरोधी है। ये चिंतनीय है और गहन विचारणीय है।
आबादी 16% मगर अपराधों, राष्ट्र विरोधी करतूतों,मानवता विरोधी हरकतों, आतंकी घटनाओं, गंदी बस्तियों को उगाने, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने में हिस्सेदारी 16% नही पूरे 100% हिस्सेदारी। जाहिर। धन नही धर्म काम आयेगा।
हिन्दू राष्ट्र की ओर बढ़ते भारत की वैश्विक समृद्धि से पाक पोषित आतंकियों के पेट भर दर्द होना स्वाभाविक है।ये रोड़ा है। रोड़े को हटाए बिना मंजिल आसान नही हो सकती है।