( श्याम चोरसिया)
पटना-दीघा जैसे इतिहासिक केंद्र से लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम फहराना आसान नही है। तमाम राजनीतिक दलों की गर्माहट, गतिविधियों,ऊंच नीच के अखाड़े दीघा विधान सभा क्षेत्र की लगाम लगातार 10 साल तक निर्विवाद रूप से सफलता पूर्वक सम्हालना आसान नही कहीं जा सकती।मगर ये करिश्मा दिखाने में संजीब कुमार चोरसिया कामयाब रहे। 05 साल के लिए ओर संजीव कुमार की विधायकी पक्की ।हालांकि 2025 में श्रो संजीब का टिकट कटवाने में नामचीन हस्तियां सक्रिय रही। मगर इन विघ्नसंतोषियो की दाल नही गल सकी।
विघ्न संतोषियो के मंसूबो पर पानी फेरा पूर्व राजपाल गंगा प्रसाद जी चोरसिया ने।श्री चोरसिया ने अपनी पुश्तेनी जड़, प्रभाव, कद,संपर्कों,पकड़ का हवाला दिया। श्री गंगाप्रसाद जी न भी बताते तो बीजेपी के नीति नियंता ये भली भांति उन दिनों का जानते है-जब पटना में दीनदयाल उपाध्याय, अटलजी, आडवाणी, जैसे तपस्वी नेताओ की व्यवस्था करने वाले गंगा प्रसाद जी के अलावा कोई दूसरा नही था ।जनसंघ के नाम से ही लोग घबराते थे। कन्नी काटते थे। वजह तब कांग्रेस की लंगोट का जबरजस्त भय,खोफ था। तब जय प्रकाश, कपूरी ठाकुर जी का उदय हो रहा था।
दीघा में 2020 में 36%,के मुकाबले 06 नवम्बर 25 को 57%,मतदान हुआ। बीजेपी ने अपने निकटतम प्रत्याशी को लगभग 47 हजार वोटो से चित्त करके महा गठबंधन की चुले हिला दी। सबसे ज्यादा खुश सांसद रवि शंकर प्रसाद हुए। श्री संजीव कुमार की सीनियरिटी को देखते हुए उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है।
संजीव कुमार चौरसिया की जीत, बिहार में सबसे ज्यादा अंतर से जीत हासिल करने वालो में से एक है। महा गठबंधम के चर्चित सदर तेजस्वी यादव से 24 गुना अधिक है।