Ó
(श्याम चौरसिया)
बिहार में चली एनडीए की सुनामी ने गठबंधन के चारा खाऊ लालू पुत्र युवराज तेजस्वी यादव अपनी पंरपरागत सीट राघोपुर से राम राम करके जीते। बल्कि यू कहे हारते हारते बचे। इसी सुनामी में महागठबंधन की अजय बल्कि असीरगढ़ दरभंगा की अलीनगर से एनडीए-बीजेपी की मैथली ठाकुर ने महागठबंधन- के विनोद मिश्रा को लगभग 10 हजार वोटो से हराने का चमत्कार कर, कीर्तिमान रच दिया। बिहार की सबसे हॉट सीट माने जाने वाली अलीनगर में आरजेडी के दबंग,बाहुबली अबदुल का एकछत्र राज था। आरजेडी के विनोद मिश्रा के आगे मैथली ठाकुर बिल्कुल नोसिकिया थी। पासंग भी नही बैठती थी। मगर बीजेपी ने दाव खेला। रिस्क उठाई। और तोड़ दिया मायाजाल। जीत लिया असीरगढ़।
कौन सोच सकता था कि राजनीति का क ख ग न जानने वाली केवल 25 साला मैथली तपे तपाए व्यापक जनाधार वाले नेता मिश्रा को उनके ही गढ़ में बुरी तरह चित्त करके इतिहास रच देगी।
दरभंगा का अलीनगर सनातन बाहुल्य न होकर गैर सनातन बाहुल्य क्षेत्र है।40% के लगभग सनातनियो को रिझाने,उन्हें एक जुट करने के लिए मैथली ने लोकगायकी भजन का जादू चलाया। मैथली को लगा भजन मंत्र से आसानी से पेठ बन सकती है। बस मैथली बिजय यज्ञ में जुट गई। मैथली ने बाहुबली अब्दुल ओर मिश्रा की रीति- नीति, कारनामे, कारगुजारियों का भांडा फोड़ा। बेपरी अलीनगर को पटरी पर लाने,कानून का राज स्थापित करने, सीता मन्दिर बनवाने, पलायन रोकने, बेरोजगारी दूर करने का विश्वास स्थापित करने में सफलता हासिल की।
नितीश बाबू की एनडीए सरकार में महिलाओं के खाते में एक मुश्त खाते में दस हजार क्या डाले । बस इस नगदी व्यहार से सनातनी के अलावा गैर सनातनी महिलाएं की मोहित हो गयी। वे भी मैथली के समर्थन में तन गई। पुरुष भले ही तेजस्वी की बीन बजाते रहे हो। मगर महिलाओं ने अपना सुर बदल आरजेड़ी के मिश्रा को धूल चटा तेजस्वी का सपना चूर चूर कर
दिया।
मैथली सबसे कम उम्र की विजेता प्रत्याशी है। लोकप्रिय है।
वजनदार है। प्रभावशाली है।उनका कद है। कौशल है। भले ही अभी राजनीतिक सूझबूझ का अभाव है। पर समय और समस्याएं सब सीखा देंगी। मैथली का मंत्री बनना तय है।होगी वे सबसे कम को मंत्री। चौका चूल्हा तक पैठ रखने वाली मंत्री।
