
(श्याम चौरसिया )
समूचे भारत मे चौरासिया दिवस नाग पंचमी को चौरसिया समाज ने हर्षो उल्लास, धूमधाम से मना सामाजिक चेतना, एकता, समपर्ण, सक्रियता का परिचय दिया। युवक, युवतियों, बुजुर्गों, में गजब का उत्साह था। इस मौके पर बुजुर्गो, प्रतिभाओं, खिलाड़ियों, कलाकारो का सम्मान किया। इंदौर समाज ने ias में बाजी मारने वाली पहली युवती दीक्षा चौरसिया का गरिमा के साथ सम्मान किया। विभिन्न वक्ताओं और पटना की सीनियर विभूति किशोरी लाल चौरासिया आदि ने महिला शिक्षा के प्रताप से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक लाभों और देहज प्रथा, नुक्ता से होने वाले भारी नुकसान का विस्तार से उल्लेख किया। कुछ वक्ताओं ने लड़की पक्ष की अनुचित महत्वकांशाओ की बदौलत अविवाहित युवतियों की बढ़ती संख्या पर चिता व्यक्त की।
मप्र के बिल्लावा, ग्वालियर, शिवपुरी, राजगढ़ के कुरावर,भोपाल, जबलपुर,कटनी, रीवा,सागर,दमोह, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, धार, रतलाम, उप्र के लखनऊ,कानपुर, उन्नाव, गोरखपुर, बनारस, प्रयागराज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, बिहार के पटना मुज्जफरपुर, छपरा, आदि,राजस्थान के जयपुर,टोंक, अजमेर,कोटा, बारा, छीपाबड़ौद, झालावाड़, बकानी, आदि गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, भड़ोच, मुंबई, उत्तराखंड, हरियाणा,आसाम, बंगाल के विभिन्न नगरों में सम्पन्न समारोह में कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की । बच्चों ने जोहर दिखाए। कुरावर जैसे छोटे से कस्बे सहित अन्य नगरों में निकाले चल समारोह के रंग महिलाओं की बड़ी,उत्साहित भागीदारी से इंद्रधनुषी हो उठे। महिला शक्ति ने भी विभिन्न विडंबनाओं, विषमताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें दूर करने का आव्हान किया।
