
( श्याम चोरसिया )
शांतिदूत कट्टर जिहादियों ने गैर सनातन समाज की कुरीतियों, उन्माद, कथित धार्मिक जनून की आड़ में संचालित राष्ट्र विरोधी हरकतों को बेबाकी से बेपर्दा करने वाले वक्ता विशेषज्ञ सलीम वास्तविक को भी ठीक उदयपुर के कन्हैया कुमार की तरह रेत दिया। दिलचस्प। के हिंसात्मक घटना रमजान के महीने में अंजाम देकर शान्तिदूतो ने नफरत, दोगलेपन, हिंसात्मक आचरण को साबित कर दिया। गाजीपुर-दिल्ली में अंजाम दी गयी इस हिंसा घटना की चौतरफा निंदा की जा रही है। सभ्य,राष्ट्र भक्त चिंतक समाज आहत है। ये समाज ये मानता है। भारत ने असमय एक बेबाक,समाज सुधारक, चिंतक, श्रद्धानन्द को खो दिया।
सबसे दिलचस्प। गैर सनातनी समाज ने रमजान के पवित्र महीने में अंजाम दी गयी हिंसा पर खास प्रतिक्रिया व्यक्त नही की। जबकि सनातन समाज अपने इस नगीने को अकाल खो देने से गहरे तक आहत है।
