( श्याम चौरसिया)
27 अक्टूम्बर को सम्पन्न होने जा रहे अतिवर्ष्टि, पीला मोजेक की बलि चढ़ी पीला सोना सोयाबीन सीएम मुआवजा वितरण समारोह को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग ने कमर कस डाली। हर गांव,मजरे,टोले में डोंडी पिटवा कर प्रभावित किसानों से जमीन स्वामित्व के प्रमाण,बैंक पास बुक,आधार आदि दस्तावेजो की फोटो कॉपी जुटाने पटवारी, राजस्व विभाग का अन्य अमला दिन रात एक किए हुए है। ताकी कोई छूट न जाए। राजस्व विभाग की कसरत की बदौलत फोटो कॉपी कियॉस्क सेंटरों की चांदी हो गयी।
सनद रहे। प्रदेश सरकार अभी तक प्रभावित 35 से अधिक जिलो के किसानों को फसल मुआवजा बांट चुकी है। राजगढ़, शिवपुरी जैसे जागरूक जिलो के छूट जाने पर मंत्रियों,सांसदों को खूब आड़े हाथ ले उनकी काबलियत,प्रभाव,कद को कोसा गया था।
जनाधार में बत्ती लगने की संभावना के चलते मंत्रियों ने cm मोहन यादव से राहत की गुजारिश की। 16 सो करोड़ से अधिक हर महीने लाडली बहनों को नवाजने के आदि cm यादव ने नाराज किसानों को पटरी पर लाने के लिए खजाना खोलने में ही भलाई मानी।
नतीजन 17 अक्टूबर त्योहारी सीजन में खुद cm मोहन यादव ब्यावरा के मंच से राजगढ़ सहित बाकी बचे अन्य जिलों के प्रभावित किसानों की लॉटरी खोलेंगे। ताकि किसान उल्लास कर संग लक्ष्मी पूजन कर सके। बाजार की गायब चहल पहल लोट सके।
आखिर सबसे बड़ा,विश्वसनीय वोटर किसान ही है। इस कुबेर के खजाने पर मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी, विपक्षी दल कांग्रेस कसरत करती रहती है। फसल मुआवजा दिलाने के लिए कांग्रेस ने भी आंदोलन, प्रदर्शन किया था। सीनियर कांग्रेस नेता महेंद्र यादव-चमारी ने cm यादव के इस अनुष्ठान को कांग्रेस का कर्मफल बता श्रेय पर हक जताया।
अंदरूनी खबरों की माने तो राजगढ़ के किसानों को 300 करोड़ से अधिक हाथ लग सकते है। मुआवजा राशि औसतन 16 हजार रुपये अधिक प्रति हेक्टर तक हासिल हो सकती है।
हड़कंप मचने पर युद्ध स्तर पर कराई गयो गिरदावरी में 60-70 प्रतिशत से अधिक खरीब फसलों को अतिव्रष्टि,पीला मोजेक के बलि चढ़ा होना पाया गया। हालांकि गिरदावरी के दौरान कुछ खेतो की फसल तनावग्रस्त मायूस,हताश, निराश किसानों ने काट दी थी। राजस्व अमले ने मानवीयता दिखाते हुए सकारात्मकता दिखाई।